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CBSE Class 12 राजनीति विज्ञान पुनरावृति नोटस पाठ-6 अंतर्राष्ट्रीय संगठन

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CBSE Class 12 राजनीति विज्ञानपुनरावृति नोटस पाठ-6 अंतर्राष्ट्रीय संगठन

स्मरणीय बिन्दु-
  1. संयुक्त राष्ट्र संघ-संयुक्त राष्ट्र संघ एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।
  2. संयुक्त राष्ट्र को संयुक्त राष्ट्र संघ नाम अमरीका के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी० रूजवेल्ट ने दिया था।
  3. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर, 1945 को अमरीका, फ्रांस, चीन, सोवियत संघ, इंग्लैंड तथा बहुत से अन्य कुल देशों के हस्ताक्षर के बाद की गई थी।
  4. संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रधान कार्यालय न्यूयार्क में है।
  5. संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य अंग-महासभा, सुरक्षा परिषद, न्यास परिषद् सचिवालय, आर्थिक और सामाजिक परिषद्, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय हैं |
  6. संयुक्त राष्ट्र संघ के 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य होते हैं।
  7. अस्थायी सदस्य प्रत्येक दो वर्ष बाद चुने जाते हैं।
  8. सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्य हैं, जिन्हें वीटो शक्ति प्राप्त हैं।
  9. संयुक्त राष्ट्र की महासभा के सभी सदस्य राष्ट्र सदस्य होते हैं।
  10. अगस्त 1941-अमरीकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट और ब्रितानी प्रधानमंत्री चर्चिल द्वारा अटलांटिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए गए।
  11. जनवरी 1942-धुरी शक्तियों के खिलाफ लड़ रहे 26 मित्र-राष्ट्र अटलांटिक चार्टर के समर्थन में वाशिंगटन में मिले और दिसंबर 1943 में संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
  12. जनवरी 1945-तीन बड़े नेताओं (रूजवेल्ट, चर्चिल और स्टालिन) ने याल्टा सम्मेलन में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय संगठन के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ का एक सम्मेलन करने का निर्णय किया।
  13. अप्रैल-मई 1945-सेन फ्रांसिस्को में संयुक्त राष्ट्रसंघ का अंतर्राष्ट्रीय संगठन बनाने के मसले पर केंद्रित दो महीने लंबा सम्मेलन संपन्न।
  14. 26 जून, 1945-संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर पर 50 देशों के हस्ताक्षर। पोलैंड ने 15 अक्टूबर को हस्ताक्षर किए। इस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ में 51 मूल संस्थापक सदस्य हैं।
  15. 24 अक्टूबर, 1945-संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की गई। 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।
  16. 30 अक्टूबर, 1945-भारत संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हुआ।
  17. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद 24 अक्टूबर, 1945 को की गई थी।
  18. संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका का खास प्रभाव है, क्योंकि वह संयुक्त राष्ट्र संघ के बजट में सबसें ज्यादा योगदान वालें देश हैं।
  19. संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य उदेश्य युद्धों को रोकना एवं विश्व शांति की स्थापना करना है।
  20. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष संयुक्त राष्ट्र संघ का एक महत्वपूर्ण अभिकरण हैं।
  21. शीतयुद्ध के दौरान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति तनावपूर्ण बनी थी, लग रहा था, युद्ध कभी भी हो सकता है।
  22. शीतयुद्ध-शीतयुद्ध 'युद्ध' न होते हुए भी युद्ध की-सी पारिस्थितियों को बनाए रखने की कला है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राज्य अमरीका और सोवियत संघ के मध्य शीतयुद्ध चलता रहा, 1945 से 1990 तक।
  23. वर्तमान में (2014) संयुक्त राष्ट्र संघ की कुल सदस्य संख्या 193 है।
  24. संयुक्त राष्ट्र संघ के पाँच स्थायी सदस्य हैं-संयुक्त राज्य अमरीका, रूस (भूतपूर्व सोवियत संघ) ब्रिटेन, फ्रांस तथा चीन।
  25. एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International)- यह एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) है जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करता है |
  26. सूडान संयुक्त राष्ट्र संघ का नया सदस्य है जो 14 जुलाई, 2011 को शामिल हुआ |
  • क्षेत्र की समस्या के हल के लिये क्षेत्रीय संगठनों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार विभिन्न देशों के मध्य समस्या समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता होती है।
  • संसार को युद्धों के विनाश से बचाने तथा विकास के लिए अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता महसूस की गई थी।
  • प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात ‘लीग ऑफ नेशंस’ की स्थापना की गई परन्तु यह दूसरे विश्व युद्ध को (1939-45) रोक पाने में असफल रहा।
  • उत्तराधिकारी के रूप में 1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई। 51 देशों ने इसके घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किये।
  • 2006 तक इसकी सदस्य संख्या 192 थी। (2011 तक 193)
  • इसका सबसे सार्वजनिक चेहरा, उसका प्रधान प्रतिनिधि महासचिव होता है वर्तमान महासचिव का नाम बान की मून है जो दक्षिण कोरिया के हैं।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता-
  1. अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण हल।
  2. युद्धों की रोकथाम में सहायक।
  3. विश्व के आर्थिक विकास में सहायक।
  4. प्राकृतिक आपदा, महामारी से निपटना।
  5. अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को बढावा देना।
  6. वैश्विक तापवृद्धि से निपटना।
प्रथम विश्व युद्ध के बाद युद्ध रोकने के लिए बनी संस्था राष्ट्रसंघ (लीग-आफ-नेशन्स) के असफल होने के कारण एवं 1939 से 1945 तक चले द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात अन्तरांगाष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा स्थापित करने के लिए पुनः एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता महसूस की गई। अतः 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ UNO की स्थापना की गई। स्थापना के समय संयुक्त राष्ट्र संघ में 51 सदस्य थे, भारत भी इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल था। मई 2013 तक इसके सदस्यों की संख्या 193 हो गयी है। 193वाँ सदस्य दक्षिणी सूडान है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख अंग है:-
  1. महासभा
  2. सुरक्षा परिषद्
  3. सचिवालय
  4. आर्थिक व सामाजिक परिषद्
  5. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय
  6. न्यासिता परिषद् - इन सभी के सहायक (इसका कार्य सन् 1994 सामाजिक परिषद् से समाप्त कर दिया गया है)
अंगो की नामसदस्य संख्यामुख्यालयउद्देश्य
सुरक्षा परिषद्5 स्थायी + 10 अस्थायीन्यूयार्कशांति एवं सुरक्षा कायम रखना। सैन्य कार्यवाही करना।
महासभा193न्यूयार्कसदस्य प्रवेश व निलम्बन एवं बजट पारित करना।
ट्रस्टीशिप काउंसिल14न्यूयार्कविशेष क्षेत्रों की स्रामाजिक, आर्थिक उन्नति 1994 में पलाऊ के स्वतंत्र होने पर स्थगित।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय15 न्यायाधीशलेगदेशों के पारस्परिक विवाद आपसी झगड़े क्षेत्रीय व सीमा विवाद पर विचार।
सचिवालयमहासचिव + अन्य कर्मचारीन्यूयार्कसंयुक्त राष्ट्र के नित्य कार्यों का संचालन।
आर्थिक एवं सामाजिक परिषद्57न्यूयार्कआर्थिक, सामाजिक, शिक्षा स्वास्थ्य पर विचार कर महासभा को रिपोर्ट भेजेगा।
  • इसका सबसे शक्तिशाली अंग सुरक्षा परिषद् है इससे कुल 15 सदस्य है इसमें पांच स्थायी सदस्य (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन) तथा दस अस्थायी सदस्य है जो दो वर्षों की अवधि के लिए चुने जाते है। स्थायी सदस्यों को वीटो (निषेधाधिकार) की शक्ति प्राप्त है।
  • शीत युद्ध के बाद से ही संयुक्त राष्ट्र में इसके ढाँचे एवं कार्य करने की प्रक्रिया दोनों में सुधार की मांग जोर पकड़ने लगी। सुरक्षा परिषद् में स्थायी व अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त गरीबी, भुखमरी, बीमारी, आतंकवाद पर्यावरण मसले एवं मानवाधिकार आदि मुद्दो पर संयुक्त राष्ट्र की भमिका को ओर अधिक सक्रिय बनाने पर बल दिया गया।
  • महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतिनिधि होता है। वर्तमान महासचिव का नाम एंटोनियो गुटेरेस (पुर्तगाल) है।
  • भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यक्रमों में अपना योगदान लगातार देता रहा है। चाहे वह शांति सुरक्षा का विषय हो, नि:शस्त्रीकरण हो, दक्षिण कोरिया संकट हो, स्वेज नहर का मामला हो या इराक का कुवैत पर आक्रमण हो। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकारों की रक्षा, उपनिवेशवाद व रंगभेद का विरोध तथा शैक्षणिक आर्थिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भारत की भूमिका बनी रहती है।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत का पक्ष।
    • आबादी के दृष्टिकोण से बड़ा राष्ट्र।
    • स्थिर लोकतत्र व मानवाधिकारों के प्रति निष्ठा।
    • उभरती हुई आर्थिक ताकत।
    • संयुक्त राष्ट्र संघ के बजट में लगातार योगदान।
    • शांति बहाली में भारत का योगदान।
संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रमुख एजेंसियाँ
  1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
  2. संयुक्त राष्ट्र संघ शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO)
  3. संयुक्त राष्ट्र संघ बालकोष (UNICEF)
  4. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDEP)
  5. संयुक्त राष्ट्रसंघ मानवाधिकार आयोग (UNHRC)
  6. संयुक्त राष्ट्र संघ शरणार्थी उच्चायोग (UNHCR)
  7. संयुक्त राष्ट्रसंघ व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD)
संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य एवं सिद्धान्त-
  1. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा को बनाये रखना।
  2. राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधी को बढ़ाना।
  3. आपसी सहयोग द्वारा आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मानवीय ढंग की अन्तर्राष्ट्रीय समस्याओं को हल करना।
  4. अंतर्राष्ट्रीय संधियों एवं अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को सम्मानपूर्वक लागू करवाना।
  5. राष्ट्रों की प्रादेशिक अखंडता और राजनीति स्वतंत्रता का आदर करना।
संयुक्त राष्ट्र संघ को एक ध्रुवीय विश्व में अधिक प्रासंगिक बनाने के उपाय।
  1. शति संस्थापक आयोग का गठन।
  2. मानवाधिकार परिषद की स्थापना।
  3. सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य को प्राप्त करने पर सहमति।
  4. एक लोकतंत्र कोष का गठन।
  5. आतंकवाद के सभी रूपों की भत्सना।
  6. न्यासिता परिषद की समाप्ति।
  • आज एक ध्रुवीय विश्व व्यवस्था में जब अमेरिका का वर्चस्व पूरे विश्व पर हो चुका है तो ऐसे में संयुक्त राष्ट्र संघ भी अमेरिकी ताकत पर पूर्णरूप से अंकुश नहीं लगा सकता, क्योंकि अमेरिका का इसके बजट में योगदान अधिक है, इसके अतिरिक्त इसका मुख्यालय भी अमेरिकी भू-क्षेत्र पर स्थित है। परन्तु इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्रसंघ वो मंच है जहाँ अमेरिका से शेष विश्व के देश वातां करके उसपर नियंत्रण रखने का प्रयास कर सकते है।
अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ व गैर सरकारी संगठन :-
संयुक्त राष्ट्र संघ के अतिरिक्त कई अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाएँ एवं गैर सरकारी संगठन है जो निरन्तर अपने उद्देश्यों को पूर्ण करने में लगे है जैसे :-
  1. अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) . वैश्विक स्तर पर वित्त व्यवस्था की देख-रेख एवं वित्तीय तथा तकनीकी सहायता मुहैया कराना।
  2. विश्व बैंक (WB) - मानवीय विकास (शिक्षा, स्वास्थ्य) कृषि और ग्रामीण विकास, पर्यावरण सुरक्षा, आधारभूत ढाँचा तथा सुशासन के लिए काम करता है।
  3. विश्व व्यापार संगठन (WTO) - यह अंतर्राष्ट्रीय संगठन वैश्विक व्यापार के नियमों को तय करता है।
  4. अंतर्राष्ट्रीय आण्विक उजां एजेन्सी (IAEA) - यह संगठन परमाण्विक उजा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने और सैन्य उद्देश्यों में इसके इस्तेमाल को रोकने की कोशिश करता है।
  5. एमनेस्टी इंटरनेशनल :- यह एक स्वयंसेवी संगठन है। यह पूरे विश्व में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अभियान चलाता है।
  6. हयूमन राइटस वॉच : यह स्वयंसेवी संगठन भी मानवाधिकारों की वकालत ह।
  7. अन्तर्राष्ट्रीय रेड क्रास सोसायटी :- यह सोसायटी युद्र और आतरिक हिंसा के सभी पीड़ितों की सहायता तथा सशस्त्र हिंसा पर रोक लगाने वाले नियमों को लागू करने का प्रयास करता है।
  8. ग्रीनपीस- 1971 के स्थापित ग्रीन पीस फाउण्डेशन विश्व समुदाय को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु कानून बनाने के लिए दबाव डालने का कार्य करती  है।
  • हालांकि संयुक्त राष्ट्र संघ में थोड़ी कमियाँ अवश्य है, लेकिन बिना इसके दुनिया और बदहाल होगी। संयुक्त राष्ट्र संघ एवं उपरोक्त वर्णित सभी है। जिसससे की संस्थाओं की उत्तरदायित्वता भी बढ़ती जा रही है। इसलिए आने वाली सरकारों को संयुक्त राष्ट्र एवं इन अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों के समर्थन एवं उपयोग के तरीके तलाशने होगें।
  • संयुक्त राष्ट्रसंघ ने 1948 से लेकर अब तक अनेकों शांति स्थापना अभियानों में सफलता प्राप्त की।
  • इसकी अनेक अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाऐं भी है जो अपने उद्देश्यों को पूरा करने में लगी हैं। इस प्रकार है।
  • विश्व बैंक - मानव विकास, ग्रामीण विकास, पर्यावरण सुरक्षा आदि।
  • अन्तर्राष्ट्रीय आणिव्क ऊर्जा एजेन्सी - परमाणु प्रौद्योगिकी का शान्तिपूर्ण उपयोग।
  • अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष - वैश्विक वित्त व्यवस्था की देखरेख।
  • एमनेस्टी इंटरनेशनल - मानवाधिकारों की रक्षा।
  • रेडक्रास सोसायटी - ग्रीन पीस आदि।
  • 1965 में सुरक्षा परिषद् के अस्थाई सदस्यों की संख्या 11 से बढ़ा कर 15 कर दी गई।
  • अन्तर्राष्ट्रीय पहल पर राष्ट्रसंघ में सुधारों व बदलावों की मांग उठती रही है।
  • ब्राजील, जर्मनी, जापान तथा भारत भी सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्य बनने की होड़ में शामिल है|
  • एक ध्रुवीय विश्व में यूएन को प्रासंगिक बनाये रखने की विभिन्न प्रयास किए गए जैसे:-
  • शांति संस्थापक आयोग का गठन।
  • सहस्राब्दि विकास लक्ष्य
  • एक लोकतन्त्र कोष का गठन आदि।

एनसीईआरटी प्रश्न-उत्तर
पाठ-6
अंतर्राष्ट्रीय संगठन

1. निषेधाधिकार (वीटो के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। इनमें प्रत्येक के आगे सही या गलत का चिह्न लगाएँ-
(क) सुरक्षा परिषद् में सिर्फ स्थायी सदस्यों को 'वीटो' का अधिकार है
(ख) यह एक तरह की नकारात्मक शक्ति हैं।
(ग) सुरक्षा परिषद् के फैसलों से असंतुष्ट होने पर महासचिव 'वीटो' का प्रयोग करता है।
(घ) एक 'वीटो' से भी सुरक्षा परिषद् का प्रस्ताव नामंजूर हो सकता है।
उत्तर- (क) सही,
(ख) सही,
(ग) गलत,
(घ) सही।

2. संयुक्त राष्ट्र संघ के कामकाज के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक के समाने सही या गलत का चिह्न लगाएँ।
(क) सुरक्षा और शांति से जुड़े सभी मसलों का निपटारा सुरक्षा परिषद में होता है।
(ख) मानवतावादी नीतियों का क्रियान्वयन विश्व भर में फैली मुख्य शाखाओं तथा एजेंसियों के मार्फत होता है।
(ग) सुरक्षा के किसी मसले पर पाँचों स्थायी सदस्य देशों का सहमत होना, उसके बारे में लिए गए फैसले के क्रियान्वयन के लिए जरूरी हैं।
(घ) संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के सभी सदस्य संयुक्त राष्ट्र संघ के बाकी प्रमुख अंगों और विशेष एजेंसियों के स्वत: सदस्य हो जाते हैं।
उत्तर- (क) सही,
(ख) सही,
(ग) सही,
(घ) गलत।

3. निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव को ज्यादा वजनदार बनाता है?
(क) परमाणु क्षमता।
(ख) भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के जन्म से ही उसका सदस्य है।
(ग) भारत एशिया में हैं।
(घ) भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था सहायक।
उत्तर- (क) परमाणु क्षमता भारत को सुरक्षा परिषद के लिए स्थायी सदस्यता का दावेदार नहीं बनाती।
(ख) भारत का संयुक्त राष्ट्र संघ के जन्म से ही सदस्य होना, उसकी स्थायी सदस्यता की दावेदारी को मजबूत करता है।
(ग) भारत का एशिया में होना ही उसकी स्थायी सदस्यता के दावें को मज़बूत नहीं करता।
(घ) भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था उसकी स्थायी सदस्यता में सहायक हैं।

4. परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग और उसकी सुरक्षा से संबद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ की एजेंसी का नाम है-
(क) संयुक्त राष्ट्र संघ नि:शस्त्रीकरण समिति।
(ख) अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी।
(ग) संयुक्त राष्ट्र संघ अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा समिति।
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर- (ख) अंतर्राष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी।

5. विश्व व्यापार संगठन निम्नलिखित में से किस संगठन का उत्तराधिकार है?
(क) जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ
(ख) जनरल एरेंजमेंट आन ट्रेड एंड टैरिफ
(ग) विश्व स्वास्थ्य संगठन
(घ) संयुक्त राष्ट्र संघ विकास कार्यक्रम
उत्तर- (क) जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एड टैरिफ।

6. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
(क) संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य उद्देश्य ....... है |
(ख) संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे जाना-पहचाना पद ....... का है |
(ग) संयुक्त राष्ट्र संघ की 'सुरक्षा परिषद्' में ....... स्थायी और .......  अस्थायी सदस्य हैं।
(घ) ....... संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्तमान महासचिव हैं।

(ड) मानवधिकारों की रक्षा में सक्रिय दो स्वयंसेवी संगठन ....... और ....... हैं।
उत्तर- (क) विश्व में शांति और सुरक्षा स्थापित करना
(ख) महासचिव
(ग) 5, 10,
(घ) श्री बॉन-की-मून (Ban-Ki-Moon)
(ड) एमनेस्टी इंटरनेशनल, हयूमन राइटस वॉच।


7. संयुक्त राष्ट्र संघ की मुख्य शाखाओं और एजेंसियों का सुमेल उनके काम से करें-
1. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद(क) वैश्विक वित्त-व्यवस्था की देखरेख।
2. अंतराष्ट्रीय न्यायालय(ख) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण।
3. अंतरांगाष्ट्रीय आण्विक उर्जा एजेंसी(ग) सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण की चिता।
4. सुरक्षा परिषद्(घ) परमाणु प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा।
5. संयुक्त राष्ट्र संघ शरणार्थी उच्चायोग(ङ) सदस्य देशों के बीच मौजूद विवादों का निपटारा।
6. विश्व व्यापार संगठन(च) आपातकाल में आश्रय तथा चिकित्सीय सहायता मुहैया करना।
7. अंतरांगाष्ट्रीय मुद्राकोष(छ) वैश्विक मामलों पर बहस-मुबाहिसा।
8. ॐम सभा(ज) संयुक्त राष्ट्र संघ के मामलों का समायोजन और प्रशासन।
9. विश्व स्वास्थ्य संगठन(झ) सबके लिए स्वास्थ्य।
10. सचिवालय(ज) सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार की राह आसान बनाना।
उत्तर-
1. आर्थिक एवं सामामाजिक परिषद(ग) सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण की चिंता।
2. अंतराष्ट्रीय न्यायालय(ङ) सदस्य देशों के बीच मौजूद विवादों का निपटारा।
3. अंतरांगाष्ट्रीय आण्विक उर्जा एजेंसी(घ) परमाणु प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग और सुरक्षा।
4. सुरक्षा परिषद्(ख) अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण।
5. संयुक्त राष्ट्र संघ शरणार्थी उच्चायोग(च) आपातकाल में आश्रय तथा चिकित्सीय सहायता मुहैया करना।
6. विश्व व्यापार संगठन(अ) सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार की राह आसान बनाना।
7. अंतरांगाष्ट्रीय मुद्राकोष (क) वैश्विक वित्त व्यवस्था की देख-रेख।
8. ॐम सभा(छ) वैश्विक मामलों पर बहस-मुबाहिसा।
9. विश्व स्वास्थ्य संगठन(झ) सबके लिए स्वास्थ्य
10. सचिवालय(ज) संयुक्त राष्ट्र संघ के मामलों का समायोजन और प्रशासन।

8. सुरक्षा परिषद के क्या कार्य हैं?
उत्तर- संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के अंतर्गत, जितनी शक्तियाँ सुरक्षा परिषद को सौंपी गई हैं, आज तक किसी अन्य संस्था को नहीं सौंपी गई। अमरीका प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष सन-फ्रांसिस्कों ने एक सम्मेलन में कहा था "सुरक्षा परिषद् अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अद्वितीय है।" सुरक्षा परिषद की शक्तियाँ अध्याय 6 की धारा 33 से 38 तक, अध्याय 7 की धारा 39 से 51 तक, अध्याय 8 की धारा 52 से 54 तक तथा अध्याय 12 की धारा 75 से 78 तक में दी गई हैं।
सुरक्षा परिषद के कार्य और शक्तियाँ निम्न हैं-
  1. विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा- सुरक्षा परिषद किसी भी विवाद की जाँच-पड़ताल कर सकती है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा हो। सुरक्षा परिषद का कर्तव्य है कि कानूनी झगड़ों को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष रखें।
  2. अंतरांगाष्ट्रीय शांति व सुरक्षा की स्थापना- सुरक्षा परिषद का दायित्व है कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर किसी विवाद या झगड़े की जाँच करें जो विश्व शांति या सुरक्षा के लिए खतरा हो।
  3. विश्व शांति को संकट में डालने और भंग करने वाले मामलों के संबंध में कार्यवाही- सुरक्षा परिषद का दायित्व हैं कि जो मामले विश्व शांति के लिए खतरा पैदा करते हैं, उनकी जाँचा करें। उनके खिलाफ जल्दी से कार्यवाही की जानी चाहिए | जैसे स्वेज नहर संकट के समय मिस्त्र को सेनाएँ हटाने का आदेश दिया गया |
  4. चुनाव संबंधी कार्य- सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर महासभा नए सदस्यों, महासचिव और न्यायालय के न्यायाधीशों का चुनाव करती है।
  5. निरीक्षणात्मक कार्य- सुरक्षा परिषद नए राज्यों के प्रवेश, सदस्यों के निलम्बन और निष्कासन के कार्य भी करती हैं।
  6. प्रादेशिक समस्याएँ- सुरक्षा परिषद प्रादेशिक समस्याओं पर नजर रखती हैं और उनके समाधान का  प्रयत्न करती है। प्रादेशिक संगठनों और अभिकरणों के प्रयोजन उनके सिद्धांतों के अंतर्गत होने चाहिए, यह भी सुरक्षा परिषद् देखती है।
  7. चार्टर में संशोधक- चार्टर में संशोधन सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी सदस्यों के बहुमत से ही होता है।

9. भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष का समर्थन आप कैसे करेंगें? अपने प्रस्ताव का औचित्य सिद्ध करें।
उत्तर- भारत के नागरिक के रूप में मेंरा मानना है कि भारत को सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य होना चाहिए। स्थायी सदस्यता के लिए निम्न तर्क शामिल हैं-
  1. भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के  शुरूआती सदस्यों में से एक है।
  2. संयुक्त राष्ट्र संघ की निधि में भारत का निश्चित आर्थिक योगदान है।
  3. भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के अनेक शांति कार्यों में  महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  4. भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के सिद्धांतों, उद्देश्यों और कार्यों में पूरा विश्वास करता है। इसीलिए भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णयों की उपेक्षा या उल्लंघन नहीं करता, चाहे वह कश्मीर का प्रश्न ही क्यों न हों।
  5. भारत विश्व का सबसे विशाल लोकतांत्रिक देश है।
  6. भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति अभियानों के लिए कई बार अपनी सेना भेजी है, जिनमें कोरिया, मिस्र, कांगों आदि हैं।
  7. भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से किए गए शांतिमय कार्यों, वैज्ञानिक अनुसंधानों और आर्थिक एवं सामाजिक कार्यों में हिस्सा लिया है।
  8. भारत छ: बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है।
  9. भारत विश्व में सबसे ज़्यादा आबादी वाला दूसरा देश है। भारत में विश्व की कुल जनसंख्या का 1/5 भाग  स्थित करता है।

10. संयुक्त राष्ट्र संघ के ढाँचे को बदलने के लिए सुझाए गए उपायों के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर- संयुक्त राष्ट्र संघ के ढाँचे के परिवर्तन के लिए अनेक सुझाव सुझाए गए हैं, परंतु उनके क्रियान्वयन में अनेक समस्याएँ आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के सामने सबसे मुख्य समस्या यह हैं कि किस आधार पर स्थायी एवं अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाए।
संयुक्त राष्ट्र संघ के ढाँचे के रूपांतरण के लिए सुझाए गए उपायों के क्रियान्वयन में निम्न कठिनाइयाँ आ रही हैं-
  1. विश्व के सभी देश संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य नहीं हैं, उन्हें किस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य बनने के लिए राजी किया जाए, यह बड़ी समस्या है।
  2. सभी देशों को एक-एक मत देने का अधिकार होना चाहिए। कोई भी निर्णय बहुमत द्वारा ही लिया जाना चाहिए, जिससे बड़ी शक्तियाँ अपनी मनमानी नहीं कर पाएँगी | इसलिए बड़ी शक्तियाँ इसे लागू नहीं होने देना चाहतीं | इससे उनकी विशिष्टता को ठेस पहुँचती है।
  3. स्थायी एवं अस्थायी सदस्यों की संख्या में विकास किया जाए और वीटों के अधिकार को खत्म करना चाहिए, लेकिन यह प्रस्ताव पाँच स्थायी सदस्य पास ही नहीं देना चाहते |
  4. महासभा के सभी सदस्यों को सुरक्षा परिषद का भी सदस्य बनाया जाना चाहिए, जिससे विश्व पर संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रभाव में  विकास होगा। परंतु महाशक्तियाँ सभी देशों को अपने बराबर नहीं बैठाना चाहतीं।
  5. बदलते हुए विश्व वातावरण में भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, जापान, जर्मनी, स्थायी सदस्यता के दावेदार हैं।
  6. नए सदस्यों का चुनाव आर्थिक शक्ति, सैन्य ताकत, बजट योगदान या आबादी किस आधार पर होना चाहिए-यह एक रुकावट बनी हुई हैं।
  7. भौगोलिक अर्थव्यवस्था या सांस्कृतिक आधार पर देशों की सदस्यता दी जाए। आधार क्या होना चाहिए, यह एक समस्या हैं।
  8. जिन देशों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार कार्यों में सहयोग दिया है, संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति कार्यों में अपनी सेनाएँ भेजी हैं, इस आधार पर उन्हें सदस्य बनाया जाए।
  9. कुछ विद्वानों का मानना हैं कि स्थायी सदस्यों की वीटों शक्ति को खत्म कर दिया जाए, परंतु इसमें भी स्थायी देश कभी सहमत नहीं होंगें।
  10. इस तरह हम कह सकते हैं कि संयुक्त राष्ट्र संघ के बदलते ढाँचों के क्रियान्वयन में  विभिन्न समस्याएँ आ रही हैं, जिन्हें सभी देशों द्वारा मिलकर ही दूर किया जा सकता है। सभी सदस्यों को महासभा और सुरक्षा परिषद में अपना प्रभाव बढ़ाना होगा।

11. हालाँकि संयुक्त राष्ट्र संघ युद्ध और इससे उत्पन्न विपदा को रोकने में नाकामयाब रहा है, लेकिन विभिन्न देश अभी भी इसे बनाए रखना चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ को एक अपरिहार्य संगठन मानने के क्या कारण हैं?
उत्तर- संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना से लेकर अब तक मानवता को कोई तृतीय महायुद्ध का भीषण रूप देखने को नहीं मिला। इसका योगदान संयुक्त राष्ट्र संघ को दिया जाता हैं। जवाहरलाल नेहरू के  अंतर्गत , संयुक्त राष्ट्र संघ ने कई बार हमारे उत्पन्न होने वाले संकटों को युद्ध में परिणीत होने से बचाया है। यद्यपि संयुक्त राष्ट्र संघ विभिन्न राजनीतिक मामलों को खत्म करने में सफल नहीं रहा। जिनमें कुछ प्रमुख विवाद हैं-कश्मीर, वियतनाम, इजराइल, अरब,आदि। संयुक्त राष्ट्र संघ भावी पीढ़ी की सुरक्षा की गारंटी और विश्व-संघर्ष को रोकने के लिए 'सेफ्टी वाल्व' का कार्य करती हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ को अपरिहार्य संगठन मानने के पीछे निम्न कारण हैं-
  1. संयुक्त राष्ट्र की महासभा में  शुरू में सदस्य संख्या 51 थी, जो आज बढ़कर 193 हो गई है।
  2. संयुक्त राष्ट्र संघ ने औपनिवेशिक देशों और लोगों की स्वतंत्रता दिलाने में  बहुत मुख्य भूमिका निभाई है।
  3. संयुक्त राष्ट्र संघ ने विभिन्न विवादों को शांतिपूर्ण समझौता से हल किया है, जिनमें प्रमुख हैं-स्वेज नाहर की समस्या, बर्लिन विवाद,  कम्बोडिया, कुवैत-इराक, कोर्फू, कांगो समस्या, कोरिया, लेबनान, चैनल विवाद अादि।
  4. विभिन्न देशों की आंतरिक व वैदेशिक समस्याओं, गृह-युद्धों व नस्लीय तनावों, युद्धों व जन-संहारात्मक कार्यों से उत्पन्न विस्थापितों व शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट संघ वरदान साबित हुआ है।
  5. पर्यावरण सुधार, जनसंख्या वृद्धि पर रोक, बच्चों, स्त्रियों, वृद्धों, विकलांगों, आवासहीन लोगों को मदद तथा बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को जीवनदान देने में संयुक्त राष्ट्र संघ ने मुख्य भूमिका निभाई है।
  6. संयुक्त राष्ट्र संघ ने रासायनिक हथियारों पर प्रतिबंध, जहरीली गैसों के इस्तेमाल, निर्माण और भंडारण पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था की है।
  7. संयुक्त राष्ट्र संघ ने द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात नि:शस्त्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
  8. संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्तमान में फैल रहे आतंकवाद को रोकने के लिए भी अपनी कार्यवाहियाँ बढ़ा दी हैं।
  9. संयुक्त राष्ट्र संघ के अभिकरण, विश्व बैंक, विश्व स्वास्थ्य संघ, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, अंकटाड आदि विभिन्न एजेंसियाँ सफलतापूर्ण कार्य कर रही हैं।

12. 'संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार का अर्थ है-सुरक्षा परिषद के ढाँचें में बदलाव।' इस कथन का सत्यापन करें।
उत्तर- सुरक्षा परिषद् संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे मुख्य अंग है। विश्व की पाँच बड़ी शक्तियाँ सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्य हैं और 10 अन्य देश इसके अस्थायी सदस्य हैं। विश्व की परिवर्तित परिस्थितियों के कारण सुरक्षा परिषद् के ढाँचे में भी परिवर्तन की माँग निरंतर उठ रही है कि सुरक्षा परिषद् का पुनर्गठन किया जाए। सुरक्षा परिषद से जुड़ी एक माँग यह है कि सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी देशों की सदस्य संख्या में विकास किया जाए। विशेषकर एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमरीका के देशों को भी सुरक्षा परिषद का सदस्य बनाया जाए। ये सभी देश अमरीका और पश्चिमी देश संयुक्त राष्ट्र संघ के बजट तथा प्रशासन में भी सुधार चाहते हैं। सुरक्षा परिषद पर सिर्फ महाशक्तियाँ राज कर रही हैं। सभी निर्णय अधिकतर इन्हीं पाँच स्थायी सदस्यों द्वारा लिए जाते हैं। सुरक्षा परिषद की अपनी सेना होनी चाहिए जो अंतर्राष्ट्रीय शांति स्थापना व मानवीय कार्यों में सहयोग दे सके। सुरक्षा परिषद में सभी निर्णय बहुमत से लिए जाने चाहिए, महासभा के सभी सदस्यों की भी निर्णय में योगदान होनी चाहिए। सुरक्षा परिषद का अपना संयुक्त कोष होना चाहिए, जिससे सभी कार्यों में वह आसानी से अपनी आय का इस्तेमाल कर सके।

महत्वपूर्ण प्रश्नपाठ-6एक ध्रुवीय विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय संगठन


एक अंकीय प्रश्न:-
1. IMF का शब्द विस्तार लिखिये।
उत्तरInternational Monetary fund (अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष)
2. प्रथम विश्वयुद्ध के बाद युद्ध रोकने के लिए कौन-सा अन्तर्राष्ट्रीय संगठन बनाया गया।
उत्तरराष्ट्र संघ
3. वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देशों की संख्या कितनी है?
उत्तर193
4. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायधीशों की संख्या कितनी है?
उत्तर15
5. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय कहां है?
उत्तरहेग - नीदरलैण्ड्स
6. UNO के वर्तमान महासचिव का नाम बताइये।
उत्तरबान की मून
7. अन्तर्राष्ट्रीय संगठन महत्वपूर्ण क्यों होते हैं?
उत्तरयुद्ध व शांति के मामलों में मदद
8. UNO की स्थापना कब की गई थी?
उत्तर24 October 1945
9. पर्यावरण से जुड़े एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन का नाम बताइये।
उत्तरसंयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), ग्रीन पीस
10. विश्व व्यापार संगठन का एक कार्य लिखिये।
उत्तरविश्व व्यापार के नियम निर्धारण
11. भारत संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य कब बना?
उत्तर30 अक्टूबर 1945
12. संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रधान प्रतिनिधि कौन होता है?
उत्तरमहासचिव

दो अंकीय प्रश्न:-
1. UNO की सुरक्षा परिषद् के स्थाई सदस्य देशों के नाम लिखिये।
उत्तरU.S.A., U.K., रूस, फ्रांस, चीन
2. मानवाधिकारों की रक्षा में संलग्न दो गैर सरकारी अन्तर्राष्ट्रीय संगठन कौन से हैं?
उत्तरएमनेस्टी इंटरनेशनल व ह्यूमन राईट्स वाॅच
3. निषेधाधिकार (Veta Power) किसे कहते हैं?
उत्तरसामूहिक निर्णय पर मना करना।
4. UNO के विभिन्न अंगों के नाम लिखिये।
उत्तरमहासभा, सुरक्षा परिषद्, सचिवालय, अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय, आर्थिक सामाजिक परिषद् तथा न्यासिता परिषद्।
5. UNO के प्रतीक चिन्ह पर टिप्पणी करो।
उत्तरजैतून की पत्तियों के बीच में विश्व का मानचित्र, जैतून की पत्तियां विश्व शांति का संकेत देती है |
6. विश्व बैंक के मुख्य कार्य क्या हैं?
उत्तरकृषि, ग्रामीण विकास, पर्यावरण सुरक्षा, सुशासन, आधरभूत ढांचे के लिए काम करता है।
7. सुरक्षा परिषद् का विस्तार कब कितने सदस्यों से किया गया?
उत्तर1965 में, 11 सदस्यों में 04 सदस्य और बढ़ाये गये।
8. विश्व के सामने वर्तमान की चुनौतियां बताइये।
उत्तरआतंकवाद, जातीय संघर्ष, परमाणु प्रसार, पर्यावरण हानि, गृहयुद्ध, जलवायु परिवर्तन।
9. अन्तर्राष्ट्रीय आण्विक ऊजा एजेंसी (IAEA) की स्थापना व कार्य बताओ।
उत्तरस्थापना 1957, कार्य-परमाणु ऊर्जा का सैन्य प्रयोग रोकना, शांति पूर्ण उपयोग बढ़ाना।
10. अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के क्या कार्य हैं?
उत्तरविश्व स्तर को वित्त व्यवस्था की देखरेख तथा वित्तीय व तकनीकी सहायता देना।

चार अंकीय प्रश्न:-
1. हमें अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तरस्मरणीय बिन्दु देखें।
2. सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्य देशों के नाम बताओ तथा इनको स्थायी प्रदान करने के कारणों पर प्रकाश डालिये।
उत्तरU.S.A., U.K., रूस, चीन, फ्रांस ये देश द्वितीय विश्व युद्ध के विजेता तथा शक्तिशाली देश रहे |
3. संयुक्त राष्ट्र संघ अमेरिकी वर्चस्व को रोकने में सक्षम है या नहीं। सिद्ध कीजिए।
उत्तरUNO पर USA के प्रभाव के कारण:-
  1. 1. सबसे बड़ा वित्तीय योगदान कर्ता
  2. 2. मुख्यालय USA के भू-क्षेत्र में स्थित
  3. 3. अधिकतर कर्मचारी USA से है।
UNO की आवश्यकता के कारण
  1. 1. उपयोगी संस्था
  2. 2. विचार मंथन का मंच
  3. 3. USA नीतियों की आलोचना का मंच
  4. 4. इसके बिना विश्व भयानक
4. भारत को संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता से क्या लाभ हुए हैं?
उत्तर1. विश्व के बड़े परिवार के सदस्य
2.आर्थिक सामाजिक विकास में सहायता
3. अपनी अखण्डता व स्वतंत्रता के प्रति आश्वस्त
4. अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में सम्मान
5. निम्न तथ्यों को सुमेलित कीजिए।
(A)रेड क्रॉस सोसाइटी (i) विश्व व्यापार नियम
(B)एमनेस्टी इंटरनेशनल (ii) युद्ध व आपदा पीड़ित सहायता
(C)विश्व व्यापार संगठन (iii) आर्थिक उन्नति व ऋण देना
(D)अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (iv) मानवाधिकार रक्षा
उत्तर1.रेडक्रॉस सोसाइटी - युद्ध व आपदा पीड़ित सहायता
2.एमनेस्टी इंटरनेशनल - मानवाधिकार रक्षा
3.विश्व व्यापार संगठन - विश्व व्यापार के नियम
4.अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष - आर्थिक उन्नति व ऋण
6. कार्टून पर आधरित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(A)प्रस्तुत कार्टून किससे सम्बन्धित है।
(B)कार्टून में दायें हाथ से बात नहीं समझोगे तो बायें हाथ से समझाई जायेंगी स्थिति का व्यक्त किया गया है इस स्थिति को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
उत्तरA. यह कार्टून सयुंक्त राष्ट्र संघ से संबंधित है।
B. दायें हाथ का आशय विवादपूर्ण स्थितियों का सामना शांतिपूर्ण वार्ताओं द्वारा किये जाने से है। और बायें हाथ से समझाई जायेगी से UNO है कि यदि अपराधी देश नहीं मानते तो UNO अपराधी देश के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही कर सकते हैं।

छः अंकीय प्रश्न:-
1. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व की राजनीति में क्या परिवर्तन आयें?
उत्तर1. सोवियत संघ का पतन
2. USA का वर्चस्व
3. USSR का उत्तराधिकारी
4. चीन बड़ी आर्थिक शक्ति
5. एशिया की अर्थव्यवस्था अपेक्षा से अधिक बढ़ी।
6. UNO की सदस्यता में वृद्धि
7. विश्व में नवीन चुनौतियां
2. आप भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षा परिषद् की स्थाई सदस्यता के समर्थन में क्या तर्क देंगे?
उत्तर1. विश्व आबादी में दूसरा स्थान
2. सबसे बड़ा लोकतंत्र
3. उभरती आर्थिक शक्ति
4. UNO के अभियानों में योगदान
5. UNO का संस्थापक सदस्य
6. गुट निरपेक्ष आन्दोलन का नेतृत्व
7. परमाणु शक्ति सम्पन्न
8. सहिष्णुता की संस्कृति
3. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के योगदान पर प्रकाश डालिए।
उत्तर1. संयुक्त राष्ट्र को सर्वव्यापक बनाना
2. निशस्त्रीकरण के प्रयास
3. उपनिवेशवाद तथा रंगभेद के विरुद्ध संघर्ष का समर्थन
4. मानवाधिकारों की रक्षा
5. अन्तर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा में योगदान
4. वर्तमान समय में सुरक्षा परिषद् में सुधारों की मांग क्यों हो रही है? आप इसके सुधार के क्या उपाय बातयेंगे?
उत्तरसुधारों की मांग के कारण
1. इसके निर्णयों पर पश्चिमी हित प्रभावी होता है।
2. सुरक्षा परिषद् में समान प्रतिनिधित्व नहीं है।
3. सदस्य संख्या बढ़ने से सुरक्षा परिषद् का विस्तार हों
सुधार के सुझाव:-
1. सदस्य संख्या बढ़े।
2. निषेधाधिकार (Veta Power) समाप्त किया जायें।
5. एक ध्रुवीय विश्व में संयुकत राष्ट्र संघ की क्या समस्यायें हैं? स्थाई सदस्यों की सहमति के बिना इनको दूर नहीं किया जा सकता है? स्पष्ट करें।
उत्तर1. USA की सैन्य शक्ति के कारण उसके विरुद्ध कोई निर्णय न ले पाना।
2. USA की मजबूत आर्थिक शक्ति तथा UNO की इस पर आर्थिक निर्भरता।
3. USA के भू-क्षेत्र में UNO का स्थित होना।
4. वीटो अधिकार होना।
5. वीटो अधिकार त्यागने की भावना न होना।
6. स्थाई सदस्यों की सहमति के बिना सुधार सम्भव नहीं।

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